दुनिया वालो को बस एक दिन के लिए जीव हत्या के ज्ञान का नशा चढ़ जाता हैं
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| The Spanish Festival of Chasing Bulls to The Sea |
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| Denmark Dolphin Killing Festival |
यहुदि - हर साल करोड़ो मुर्गियों को पत्थर मार मार के उनकी हत्या की जा जाती हैं तो वो कहते हैं ऐसा करने से उनका पाप धुलता हैं।
इसाई - हर साल जो नए साल के रूप में मनाते हैं वो करोड़ो पक्षियों को मार खाते हैं तो वो कहते हैं ये हमारा त्योहार हैं।
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| Animal sacrifice during Durga Puja |
अमरीका - कई कारखाने हैं जो खाने की चीजे बनाते हैं जिसमें 80% चीजो में सुवरो का चर्बी मिलाया जाता हैं तो कहते हैं इसमे चीजे स्वादिष्ट बनती हैं जो बिमारी का कारण हैं
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| Source by asiabeefnetwork.com |
गोवा में मीट कारखाने जिसमे प्रतिदिन हजारो जानवरो को काटा जाता हैं और उन मीटो को कंटेनर द्वारा विदेशो में निर्यात किया जाता हैं।।
भारत में 100% में से 70%+ लोग मांसाहारी हैं अब उनमें से 20% मुसलमान हैं तो बाकि कौन हैं।।
दुनिया में 99% होटल मांसाहारी हैं जिसमें मटन , चिकन , मछलियाँ मिलते हैं खाने में।।
पुरे साल में चिकन, मटन लगभग प्रतिदिन के हिसाब से पुरी दुनिया में करोड़ो जानवरो को काटा जाता हैं खाने के लिए।
इतना कुछ देखती रहती हैं दुनिया
लेकिन जब हमारा कुर्बानी समय आता हैं तो
दुनिया वालो को जीव हत्या के ज्ञान का नशा चढ़ जाता हैं
मेरी समझ में नहीं आ रहा हैं कि दुनिया पढ़ी लिखी हैं या....
नोट- कुर्बानी हमारे नबी इब्राहीम (अ•) की सुन्नत और इतिहास हैं जिसे हमको बचाए रखना हैं दुनिया कितना भी जोर लगा ले हर साल कुर्बानी होती थी, होती हैं, होती रहेगी इंशा अल्लाह।
बाकि ज्ञान अपने पॉकेट में लेले दुनिया वालो।
बकरा कटेगा और बकराईद भी मनेगी ।
इसलिए भाई मेरी बात को समझो कोई किसी के धर्म को लेकर टिप्पणी ना करें जो जिसके धर्म में जमाने से चली आ रही है परंपराएं निभाई जा रही रही है उसके प्रति कोई ऐसा भेदभाव ना करे कि हर एक इंसान के दिल को ठेस पहुंचे
अगर अच्छा लगा तो शेयर करे।
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Thank you