महीनें फिर वही होंगे,सुना हे साल बदलेगा
परिंदे फिर वही होंगे ,शिकारी जाल बदलेगा
वही हाकिम ,वही कातिल ,वही गुरबत ,वही गाजिब
न जाने कितने सालों में इन नस्लो का हाल बदलेगा !


IBR FOUNDATION
       कुचामन सिटी

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