तो क्या लोग कुरआन में (जरा भी) गौर नहीं करते या (उनके)
दिलों पर ताले लगे हुए हैं बेशक जो लोग रहे हिदायत 
साफ साफ मालूम होने के बाद उल्टे पांव (कुफ्र की तरफ) 
फिर गए शैतान ने उन्हें (बूते देकर) ढील दे राखी है और उनकी 
(तमन्नाओ) की रस्सियाँ दराज कर दी है!
(अल-कुरआन 47/24-25)


Comments