Posted by IBR Foundation on June 02, 2017 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps लहू नालेन से जारी रहा मगर नहीं दी किसी को बद्दुआतक, और कहा फरिश्तो ने आप हुकुम तो करे पहाड़ो को मिला दिया जाये, फिर जवाब ये आया, मै रहमत बनकर आया हूँ जहमत नहीं..! (ऐसे थे हमारे नबी स.त.अ.व.) Comments
Comments
Post a Comment
Thank you