मै जन्नत के शौक में इबादत नहीं करता
ये तिजारत है!
और ना ही जहन्नुम के खौफ से करता हु,
के ये गुलामी है!
मै सिर्फ और सिर्फ ईस लिए ईबादत करता हूँ
के मेरा रब ईबादत के लायक है 
(हजरत अली)


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