Posted by IBR Foundation on May 30, 2017 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps एक बार "कुरआन" की किरात से दिल लगा कर तो देखो, "मोसिकी" छोड़ ना दे तो कहना ! तुम्हारी सोच से भी ज्यादा सुकून है "अल्लाह" के कलम में...! Comments
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